मगर भाषाको कविता – मगर ढुट जिवाक्के परिस्ले
तुल्सीराज राना मगर
ङा च मगरओ मिजा
नाको पनि मगरओ मिजा
कान पट्ट मगर मिजा
कान्को डुप्नाङ ङै डेले झोर्ले
नाकै पनि डेनी झोर्ले
बाट जाटिङ मगर ढुटाङ
डेइङ हि ले नाकुङ कुटले ।
मगर ढुट माह्वार्चकोके
मगर ढुट पाहाकिङ
पाह्के परिस्ले डेईङ
बुढापाकै डेच सेयिङ
मगर ढुट माह्ट्के पा भ्या
इस्के माह्ट्के याखे माछान्ने
नाको कान काजुट छान्न
यिस्के जिवाक्कीङ ।
माघ्या सकराटी
कानुङ काराङ्च चाड आले
साउन्या सक्रान्टी
कानुङ चाड न आले
हि ल्या कानुङ पुर्खेउली ईतिहास ?
हि ल्या कानुङ पुर्खेउली धर्म ?
हि के म्हाटा कानुङ मगर ढुट ?
कुचे(सुए) रोक्डिया
कानुङ ढुट आक्के
पट्ट कान्कै पाके परिस्ले
मगरओ इतिहास वार्च कै
माह्वार्चकोके डेके परिस्ले
मगर काजुट छान्केनाङ
पट्टकुङ कुरा सेके परिस्ले
अब मिस्न मुके माछान्ने
मगर ढुट जिवाक्के
मगर ढुटाङ आक्के परिस्ले
मगर ढुटाङ ल्हिङ्के परिस्ले
कुचे(सुए) हि वार्ले होसै न
रिक्के परिस्ले
पट्ट काजुट छान्न
मगर ढुट जिवाक्के परिस्ले ।
न्हुन्लाक परिस्स मगरकोके
अघेर नुङ्च मगर कै टन्डिके परिस्ले
पढाइ लेखाइयाङ बल जाट्के परिस्ले
फकै जाट्के माह्यक्च काम
ङै जाट्के ह्योक्ले डेम
हिम्मत जाट्के ह्योक्के परिस्ले ।
मगर ढुट म्हाटा ढ्याङ
कानकुङ ईतिहास अपाङ्ग छान्ने
मेन्ल्हो भाषा
मेन्ल्हो धर्म
मेन्ल्हो संस्कृतीके
काजुट छान्न जिवाक्के परिस्ले
मगरओ इतिहास म्हाटा ढ्याङ
मगरको पनि म्हाट्न नुङ्ले
मगर ढुट ट कानुङ पुर्खै डास्न
नुङ्च सम्पत्ति आले
यिस्के जिवाक्के
अरु जात अघेर माख्योले
कान्कै मगर ढुट आक्के न परिस्ले
कुचे(सुए) कुडिक वारुनी
होसै होडिक न रिक्के परिस्ले
कानको पट्ट छान्न मगर ढुट
जिवाक्के परिस्ले ।






